जल गंगा संवर्धन अभियान, विभागीय कार्ययोजना की समीक्षा
विदिशा, दिनांक तीन अपै्रल 2025
ग्राम खोंगरा से हरिओम पाल की खबर
जल गंगा संवर्धन अभियान के क्रियान्वयन लाइन डिपार्टमेंटों के द्वारा विभागीय कार्ययोजना तय की जा रही है। जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ श्री पंकज जैन ने गुरूवार को प्रमुख आठ विभागो के द्वारा तय की गई कार्ययोजना की पृथक-पृथक समीक्षा कर अभियान के तहत क्रियान्वित कार्यो व उद्धेश्यों की प्राप्ति के लिए निहित बिन्दुओं, लक्ष्यों सहित जानकारियां सांझा कर उनके अनुसार कार्ययोजना को मूर्तरूप देने के निर्देश दिए गए है।
जिला पंचायत में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान 2025 की विभागीय कार्ययोजना बैठक में जल संसाधन विभाग, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, जिला शिक्षा, जनसम्पर्क, जन अभियान परिषद, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, शहरी विकास अभिकरण, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र और उद्यानिकी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
गौरतलब हो कि जल गंगा संवर्धन अभियान 30 मार्च से शुरू होकर तीस जून तक क्रियान्वित किया जाएगा। अभियान के दौरान संपादित किए जाने वाले कार्यो तथा पूर्व में व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निर्धारित रणनीति तथा कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह के द्वारा पूर्व में ली गई बैठको मंे दिए गए निर्देशो के अनुपालन में की गई कार्यवाहियांे से अवगत कराया गया है।
नवाचार
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत संपादित किए जाने वाले कार्य जिले में नवाचारो के रूप में जाने जाएं। इसके लिए विभागवार नवाचारो के तहत संपादित किए जाने वाले कार्यो की भी पृथक-पृथक चर्चा की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा बताया गया कि जिले के सभी स्कूलो की पेयजल टंकियों को एक ही दिन में साफ सफाई कर पुताई उपरांत हरेक टंकी पर जल गंगा संवर्धन अभियान अंकित किया जाएगा। इसी प्रकार उद्यानिकी विभाग के द्वारा क्लस्टर के रूप में चिन्हित ग्राम पंचायतो में एक ही प्रजाति के पौधे रोपित किए जाएंगे जिसमंे मुख्य रूप से फलदायी पौधो में नीबूं, अमरूद व आम का चिन्हंाकन किया गया है। जिले में अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए क्लस्टरवार रूपरेखा तय कर जल संरचनाओं की वाल पर इसी प्रकार जल संसाधन विभाग के द्वारा नहरो के जीर्णोद्धार कार्य करने, नहरो को राजस्व विभाग की मेपिंग सूची मंे दर्ज कराने, गांव को यूनिट बनाने, तहसीलवार तालाबो की संख्या, बांध, नहरो, इन पर हुए अतिक्रमण हो राजस्व विभाग की मदद से हटाने के कार्य संपादित किए जाएंगे।
जन अभियान परिषद के द्वारा ग्रामो की प्रस्फुटन समितियों के सहयोग से संपादित किए जाने वाले कार्यो के लिए ग्रामवार लक्ष्य तय करना, जल सम्मेलनो का आयोजन करना, नवाचारो के तहत वैज्ञानिक परीक्षण कराना, इसी प्रकार वन विभाग, कृषि विभाग सहित अन्य विभागो के द्वारा संपादित किए जाने वाले कार्यो से अवगत कराया गया है।
बैठक में बताया गया कि विदिशा जिले के ग्रामीण क्षेत्रो में पांच हजार जलदूतोें का तथा निकाय क्षेत्रो में दो हजार अमृत मित्र बनाए जाएंगे ताकि अभियान के निहित बिन्दुओं की प्राप्ति में सहयोगी बनें। जल गंगा संवर्धन अभियान के व्यापक प्रचार हेतु जिला स्तरीय जनपद व ग्राम स्तरीय कार्ययोजना की जानकारियां संाझा की गई।
जनसम्पर्क विभाग के द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान का व्यापक प्रचार प्रसार विभिन्न संसाधनो के माध्यम से किया जा रहा है जिसमें दीवार लेखन, आयरन फ्रेम फ्लेक्स, डायक्यूमेट्री, कार्यो को संपादित करने वालो की जानकारियां, प्राचीन जल स्त्रोतो के जीर्णोद्वार कार्यो सहित नवाचारो का प्रचार प्रसार प्रिन्ट, सोशल व इलेक्ट्राॅनिक मीडिया पर किया गया है।